तितिरबिला मौजा में सड़क निर्माण व चौड़ीकरण के खिलाफ ग्रामीण हुए एकजुट, पारंपरिक हथियार के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने रुकवाया काम ,मौके पर पहुंची पुलिस ने बरसाई लाठियां
सरायकेला खरसावां थाना अंतर्गत जिले की सरायकेला अंचल के तितिरबिला मौजा में सड़क निर्माण व चौड़ीकरण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जमीन अधिग्रहण का स्थानीय ग्रामीण एवं रैयतदारो ने कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध के बाद शुक्रवार को पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए ग्रामीणों पर लाठियां भी बरसाई। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

मिली जानकारी के अनुसार सरायकेला अंचल अंतर्गत तितिरबिला गांव से नया पुल होते हुए उड़ीसा के तिरिंग बॉर्डर एवं राजनगर सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन द्वारा एक सप्ताह पूर्व से कार्य प्रारंभ कराया गया है। तितिरबिला गांव में तकरीबन 20 रैयतदखरों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने भारी आक्रोश है। शुक्रवार को ग्रामीण पारंपरिक हथियार के साथ विरोध में उतर गए जिसके बाद सरायकेला एसडीओ सुनील कुमार प्रजापति , अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह समेत सशस्त्र बल मौके पर पहुंचे, जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध किया जिसके बाद उग्र ग्रामीणों पर लाठियां चलाई गई।

गांव के मुंडा महेंद्र हेंब्रम ने बताया कि बिना ग्राम सभा अनुमति के सड़क निर्माण और जमीन अधिग्रहण का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, इससे पूर्व सरायकेला उपायुक्त के समक्ष भी विरोध किया गया था , लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई , इधर प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर किया है। जबकि जमीन अधिग्रहण का ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध कर फिलहाल काम बंद करवा दिया है। विदित हो की दो वर्ष पूर्व तत्कालीन मंत्री जो अब सुबे के मुख्यमंत्री है चंपाई सोरेन ने उक्त सड़क आधारशिला रखी थी। दो राज्यों को जोड़ने वाले इस सड़क निर्माण में बाईपास सड़क का भी निर्माण होना है जिससे तकरीबन 800 मीटर अधिक जमीन का अधिग्रहण होगा।
