झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ के बैनर तले जिले के सभी वनरक्षियों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू


झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ के बेनर तले जिले के सभी वनरक्षियों ने अपनी मांगों को लेकर सरायकेला स्थित डीएफओ कार्यालय के समक्ष अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन पर बैठ गए है। इस मौके पर वनरक्षियो ने बताया कि झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ के बेनर तले झारखंड सरकार द्वारा झारखंड राज्य अवर वन क्षेत्र कमी सवगे नियमावली 2014 अहितकारी संसाधन करके झारखंड राज्य 2024 बनाकर वनपाल केशत प्रतिशत के पद में कटौती करते हुए 50% पद पर सीधी नियुक्ति करने के निर्णय के विरुद्ध राज्य के सभी वनरक्षियी अपने सभी विभागोंय काम काज की छोड़कर अनिश्चितकालिन धरना प्रदर्शन पर चले गए है।

वनरक्षियों ने बताया कि 2014 के इस रक्षीनिति नियमावली के अध्याय के कंडिका =15मे प्रावधान है कि वनपाल के पद पर शत प्रतिशत प्रनीति होगी। इस 2014 के वनरक्षी नियुक्ति नियमावली के तहत वर्तमान में कार्यरत सभी रक्षियो की नियुक्ति हुई है। झारखंड के वनरक्षी अल्प वेतन भत्ते और बिना किसी विशेष सुविधा के जंगलों को सुरक्षा एवं विकास तथा वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं वन प्राणियों से लोगों की सुरक्षा सहित अन्य विभागों की कार्य के लिए दुर्गम स्थान पर दिन-रात अपने कर्तव्यों में लगे रहते हैं।

उनकी जान माल की क्षति को संभावना हमेशा बनी रहती है। उनके लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय सरकार ने वनरक्षियों के प्रोन्नति के अवसर को छिनने का कार्य किया है इसके लिए झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, प्रधान वन संरक्षक से कोई बार गुहार लगा चुका। परंतु किसी भी तरह का सकरात्मक पहल नहीं किया गया।

