खरसावां के सोना नदी तट पर मां तारा की पूजा संपन्न, 200 साल पुरानी है परंपरा

आज से करीब 200 साल पूर्व से पौष माह में खरसावां के सोना नदी तट पर मां तारा की पूजा होती आ रही है। जिस प्रकार लोग नए साल में लोग वनभोज करते हैं। उसी तरह मां तारा के भक्त भी पिकनिक मानते हैं।

यह पिकनिक खरसावां षाड़ंगी परिवार की ओर से प्रत्येक साल मां तारा की पूजा कर मनाया जाता है। इस पूजा में मां के प्रसाद के रूप में बकरे को बलि दी जाती है। मां तारा की पूजा में खिचड़ी, मांस और खीर का प्रसाद लगाने के बाद खरसावां के करीब 1000 भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

बताया जाता है कि मां तारा के दरबार में जो भी भक्त अपनी दुख मां को सुनाता है और जो भी मांगता है मां तारा उसे पूरा करती है। मां तारा की पूजा हर साल पौष महीने में होती है। यह पूजा खरसावां क्षेत्र के मंगल कामना के लिए की जाती है।
