खरसावां उच्च विद्यालय में पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान, पॉक्सो, साइबर व महिला सुरक्षा पर दी जानकारी, यौनशोषण के लिए पॉक्सो अधिनियम कठोर कानून है – गौरव कुमार
खरसावां : सरायकेला खरसावां जिला पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देशानुसार खरसावां के प्लस टू उच्च विद्यालय में पुलिस के द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार तथा आमदा ओपी प्रभारी अविनाश कुमार के संयुक्त नेतृत्व में स्कूली बच्चों को पॉक्सो अधिनियम,साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा से बचाव, डायल-112 तथा सड़क सुरक्षा के संबंध जानकारी दी गई।

मौके पर खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने कहा कि पॉक्सो यानी प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ़्रॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंस एक्ट, बच्चों के खिलाफ़ होने वाले यौन शोषण को अपराध बनाने वाला एक कठोर कानून है। इस कानून को साल 2012 में लागू किया गया था। यह कानून 18 साल से कम उम्र के सभी बच्चों पर लागू होता है। इस कानून के तहत, बच्चों को शारीरिक, भावनात्मक, या यौन शोषण से बचाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। इस कानून में अपराध की गंभीरता के हिसाब से सज़ा का प्रावधान है। इस कानून के तहत, यौन हमले के मामले में कम से कम 10 साल की जेल हो सकती है। उन्होने कहा कि साइबर सुरक्षा का मतलब है, सिस्टम, नेटवर्क, और प्रोग्राम को डिजिटल हमलों से बचाना. साइबर सुरक्षा के ज़रिए, किसी संगठन और उसके कर्मचारियों और परिसंपत्तियों को साइबर खतरों से बचाया जाता है। साइबर सुरक्षा के ज़रिए, डेटा की गोपनीयता, अखंडता, और उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है।

जबकि आमदा ओपी प्रभारी अविनाश कुमार ने कहा कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने और पीड़ित महिलाओं को कानूनी मदद देने के लिए बनाया गया था। इस अधिनियम के तहत, महिलाओं को हिंसा मुक्त घर में रहने का अधिकार है। इस अधिनियम के तहत, पीड़ित महिलाएं 60 दिनों के अंदर सिविल उपचार पा सकती हैं। इसके अलावे महिला सुरक्षा,, डायल-112 तथा सड़क सुरक्षा के संबंध जानकारी दी गई। इस दौरान मुख्य रूप से खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार, आमदा ओपी प्रभारी अविनाश कुमार, प्लस टू उच्च विद्यालय के प्राचार्य मंजू हेंब्रम सहित शिक्षक व छात्र-छात्राए उपस्थित थे।
