ज्योति कलश रथ द्वारा सनातन संस्कृति से गहरा जुड़ाव एवं जन जन में शांति सद्भाव और विश्वास कायम होगा – मनोज चौधरी
सरायकेला शांति और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शांतिकुंज हरिद्वार से निकला ज्योति कलश यात्रा रथ घर पहुंचने पर नपं पूर्व उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने सपरिवार ज्योति कलश रथ, वेद माता गायत्री एवं अखंड दीप का पूजन एवं आरती कर स्वागत किया।उक्त अवसर पर श्री चौधरी ने कहा कि “आध्यात्मिकता वह विचार पद्धति है, जिसके माध्यम से मनुष्य अपने जीवन में आने वाली समस्याओं को सरलता से सुलझा सकता है और सही मार्ग पर चल सकता है।

उन्होंने आध्यात्मिक विज्ञान को सीखने और मनचाही समृद्धि पाने की आवश्यकता पर जोर दिया। आज के परिवेश में लोगों में योग्यता और विवेक की कमी हो गई है, जिससे वे अपनी क्षमता का सही उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।बता दें ज्योति कलश रथ यात्रा, शांतिकुंज हरिद्वार से निकली जाने वाली एक यात्रा है. इस यात्रा के ज़रिए लोगों को सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक किया जाता है. साथ ही, इस यात्रा के ज़रिए युद्ध की जगह शांति का संदेश दिया जाता है. ज्योति कलश रथ यात्रा के बारे में ज़्यादा जानकारी:इस यात्रा का मकसद लोगों में देवत्व का उदय करना और धरती पर स्वर्ग का अवतरण करना है।
इस यात्रा के ज़रिए लोगों को शारीरिक श्रम और योग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इस यात्रा के ज़रिए लोगों को नशीले पदार्थों का सेवन न करने का संदेश दिया जाता है. इस यात्रा के ज़रिए लोगों में आत्मिक परिष्कार कराया जाता है. इस यात्रा के ज़रिए लोगों में ईश्वर के प्रति आस्था जगाई जाती है. स्वागत कार्यक्रम में मुख्य रूप से गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी शंभू नाथ अग्रवाल राजेश साहू त्रिलोचन महतो सतनारायण साहू बनवारी लाल चौधरी कमला देवी एवं कई महिला बहनें भी उपस्थित थी।
