राज्य में मईया सम्मान योजना में भी बांग्लादेशी एवं अन्य राज्यों के मईयाओं पर कब्जा करने के लगे आरोप, उपायुक्त ने दिया जांच का आदेश
जमशेदपुर के घाटशिला अनुमंडल में 183 महिलाएं जो अल्पसंख्यक महिलाएं हैं वह मैया सम्मान योजना की लाभ ले रही है. वैसे इस मामले की जांच शुरू हुई तो सभी का मोबाइल नंबर बंद पाया गया और कुछ मोबाइल नंबर खुला था लेकिन वह पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश का है इतना ही नहीं महाराष्ट्र की अल्पसंख्यक महिलाओं का है वही सभी को मैया सम्मान योजना का लाभ मिल रहा है.लेकिन ज्यादातर मिहिला पश्चिम बंगाल की हैं जो मुर्शिदाबाद की रहने वाली है. गुडाबंधा और घाटशिला पंचायत में जहां 183 अल्पसंख्यक महिला मईया सम्मान योजना का लाभ ले रही है. जबकी इस पंचायत में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है. फिर भी कैसे इनका आधार कार्ड बन गया और उसके आधार पर सरकार की योजना का लाभ मिलने लगा।

वही भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया और मामले की जानकारी उपायुक्त को भी दी है । इसके बाद उपायुक्त ने इस मामले को काफी गंभीरता दिया और मामले की जांच का आदेश दिया है. उपायुक्त ने कहां है कि तीन दिनों के भीतर विभागीय अधिकारी को रिपोर्ट देने को कहा गया है साथ ही संबंधित अधिकारी मुखिया या कोई भी कर्मचारी हो उन पर कार्रवाई किया जाएगा.लेकिन सवाल यह उठना है कि आखिर आधार कार्ड कैसे बना।

वैसे घाटशिला के हेल्दीजुड़ी पंचायत में 409 लाभुक है जिसमें 174 लाभुक अल्पसंख्यक है. जबकि इस पंचायत में एक भी अल्पसंख्यक नहीं है. वही बालिजुरी में 275 लाभूक है जिसमें 9 अल्पसंख्यक महिलाएं हैं पंचायत में भी अल्पसंख्यक नहीं है. वहीं दोनों पंचायत में 183 अल्पसंख्यक महिला है जो भैया सम्मान योजना के लाभ ले रही है.अब सवाल यह उठता है कि इन लोगों का जन्म प्रमाण पत्र आधार कार्ड कैसे बन गया. ज़बकी यह लोग झारखंड के रहने वाली नहीं है.वैसे उपायुक्त ने इस मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है।
