सराइकेला के पूर्व एसपी राकेश बंसल अपनी धर्मपत्नी और पुत्र अर्श के साथ पहुंचे कांड्रा के आशा सेंटर, अर्श ने दी बच्चों को कंप्यूटर ट्रेनिंग
सरायकेला- खरसावां जिला के कांड्रा के डुमरा पंचायत स्थित आशा सेंटर में को बच्चों के लिए कंप्यूटर ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाया गया. आपको जानकर हैरानी होगी कि यह ट्रेनिंग किसी और ने नहीं बल्कि साल 2015 में जिले के पुलिस अधीक्षक रह चुके आईपीएस अधिकारी राकेश बंसल के पुत्र अर्श बंसल ने दी. मौके पर आईपीएस अधिकारी राकेश बंसल की धर्मपत्नी मेघना बंसल और आशा के सचिव अजय कुमार भी मौजूद रहे।

विदित हो कि जब बतौर एसपी श्री बंसल जिले में पदस्थापित थे उस वक्त इस आशा सेंटर में रह रहे अनाथ बच्चों के लिए समर कैंप का आयोजन किया था. उस वक्त अर्श बंसल महज दूसरी कक्षा का छात्र हुआ करता था. अब वह बाहर पढ़ाई कर रहा है. मगर उसके जेहन में बचपन की यादें और इन अनाथ बच्चों का दर्द आज भी जिंदा है. उसी ने इच्छा जाहिर की थी कि यहां रह रहे बच्चों को कंप्यूटर की जानकारी देनी है. फिर क्या था बच्चों की इच्छा पूरी करने उसकी मां डुमरा पहुंची और करीब 4 घंटे यहां रह रहे बच्चों के साथ बिताया. उन्हें कंप्यूटर की बेसिक जानकारी दी और भविष्य में पुनः आने का वादा कर विदा लिया।

बता दें कि अर्श बंसल अभी 12वीं का छात्र है मगर बेहद ही प्रतिभाशाली और हुनर बंद छात्र है। वह डायन प्रताड़ना जैसी कुप्रथा पर डॉक्युमेंट्री बना रहा है इसके अलावा बच्चों के पढ़ाई पर आधारित कई सॉफ्टवेयर डेवलप किए हैं जो इन दिनों बच्चों में बेहद लोकप्रिय हो रहा है। मजे की बात तो यह रही की अर्श द्वारा 4 घंटे के दौरान बच्चों को कंप्यूटर की जो जानकारी दी गई। बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई और साबित किया कि यदि उन्हें मौका मिले तो वह भी सामान्य बच्चों से बेहतर कर सकते हैं।अंत में बच्चों के बीच पारितोषिक का वितरण किया गया।
