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September 17, 2026

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आदित्यपुर का इंजीनियर हुआ हनीट्रेपिंग, ब्लैकमेलिंग एवं मानसिक प्रताड़ना का शिकार, पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार, मामला पहुंचा थाना, समझौता…

महिला को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए, सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जिनमें विशेष रूप से “नारी अदालत” योजना, “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” कार्यक्रम, और “पीएम स्वनिधि” योजना शामिल हैं। ये योजनाएँ महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और कानूनी रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही हैं। जिसमें विभिन्न जाति धर्म एवं विभिन्न वर्ग के लोग महिलाओं को सम्मान देने की हर संभव कोशिश करते नजर आते रहते हैं। मगर एक महिला की गलत हरकत पूरे महिला समाज को शर्मसार होना पड़ जाता है।

रविवार को आदित्यपुर थाना अंतर्गत माझी टोला निवासी समीर कुमार दास अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए 5 अप्रैल से ही थाने के चक्कर लगा रहे हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि एक शादीशुदा जयश्री दास महिला द्वारा उनके बेटे शुभम दास को मानसिक प्रताड़ना, ब्लैकमेलिंग एवं हनीट्रेपिंग का शिकार बना चुकी है। महिला टेल्को की रहने वाली है जो कि ब्लैकमेलिंग कर पैसे की डिमांड कर ऑनलाइन सामान खरीदने के लिए पैसे मंगवाती है। महिला शादीशुदा है जिनके दो बच्चे है।

महिला फेसबुक के माध्यम से उनके बेटे से संपर्क में आई थीं। जिसके बाद बात करते-करते बातें इतनी आगे चली गई कि लड़के को नौकरी तक छोड़ना पड़ गया। शुभम दास सऊदी में काम करता था जो कि जर्मनी का कंपनी है जहां रिजाइन मार कर सेटलमेंट के पैसे लेकर अपने साथ लाया था। कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरने के बाद महिला द्वारा लड़के लड़के को रिसीव कर एक होटल में ले चली गई। जहां बैग में रखे लाखों रुपए के कैश महिला द्वारा निकाल लिया गया। शुभम दास द्वारा महिला को ऑनलाइन खरीदारी के लिए 58 हजार कैश भी भेजी गई है।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि महिला द्वारा बार-बार पैसे की डिमांड की जाती है मगर लड़के की नौकरी चले जाने के बाद लड़का महिला का डिमांड पूरा नहीं कर पा रहा है वहीं महिला द्वारा सभी जगह फोटो भेज कर ब्लैकमेलिंग की भी कोशिश की जा रही है। अब स्थिति ऐसी उत्पन्न हो गई है कि लड़के की मानसिक स्थिति बिगड़ चुकी है। जमशेदपुर एवं रांची के अस्पतालों में लड़का का उपचार चल रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि महिला झूठे केस में कभी भी फंसा सकती है। जिसके लिए 5 अप्रैल से ही थाने के चक्कर लगा रहा हूं।

पीड़ित परिवार ने कहा कि मेरा बेटा एक इंजीनियर है जो सऊदी में काम करता था आज उसकी नौकरी चली गई है। मानसिक हालत बिगड़ जाने के कारण शुभम दास गुमसुम सा रहता है। महिला इतनी शातिर है कि कई लोगों को अपनी जालसाजी में फंसा चुकी है। अब मेरे बेटे को फसाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रही है। मीडिया में खबर चलने के बाद आदित्यपुर थाने में थाना प्रभारी ने दोनों पशुओं को बुलाकर थाने मे शुभम दास एवं जयश्री दास के बीच बांड साइन किया गया जिसमें दोनों पक्ष के बिच सहमति बनी कि अब वें कभी एक दूसरे से नहीं मिलेंगे न सम्पर्क मे रहेंगे।

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