June 17, 2024

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प्लास्टिक की बोतल में पीते हैं पानी तो हो जाएं सावधान! रिसर्च में हुए होश उड़ा देने वाले खुलासे

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जब भी हम कहीं बाहर जाते हैं और प्यास लगती है तो हम दुकान से पानी की बोतल खरीद लेते हैं। वहीं गर्मियों में भी हम फ्रीज में प्लास्टिक की बोतलों में पानी भरकर रखते हैं।

एक्सरसाइज करने के लिए जिम जाते हैं तो भी बहुत से लोग प्लास्टिक की बोतल में पानी लेकर जाते हैं।

लेकिन क्या आपको पता है कि प्लास्टिक की बोतल में लंबे समय तक पानी स्टोर करके रखने से आपकी सेहत को बहुत भारी नुकसान हो सकता है। एक रिसर्च में इस पर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

रिसर्च में हुए ये खुलासे
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी की एक रिसर्च के मुताबिक, प्लास्टिक की बोतल में Bisphenol A (BPA) नाम का केमिकल होता है। साथ ही इसमें हानिकारक केमिकल्स और बैक्टीरिया होते हैं। इससे शुगर और कैंसर जैसी कई खतरनाक बीमारियों हो सकती हैं। प्लास्टिक एक पॉलीमर है। यह कार्बन, हाइड्रोजन ऑक्सीजन और क्लोराइड से मिलकर बना होता है। इसमें मौजूद केमिकल और पॉलीमर में पाए जाने वाले तत्व यदि बॉडी में जाते हैं तो इनका अलग ही केमिकल रिएक्शन होता है। यही रिएक्शन बॉडी में कई बीमारियों का कारण बन जाता है।

हार्मोनल असंतुलन
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में 5000 लोगों पर स्टडी की। ये 5,000 लोग प्लास्टिक की बोतल यूज करते थे। उनके यूरिन टेस्ट से पता चला ज्यादातर लोगों को हार्मोन से जुड़ी समस्या थी। ये लोग प्लास्टिक या कोल्ड ड्रिंक की बोतल में पानी पिया करते थे। इसका कारण प्लास्टिक की बोतल में मिलने वाले हानिकारक केमिकल्स थे। सिंगल यूज प्लास्टिक बोतल के इस्तेमाल से कई और बीमारियों की आशंका है।

टॉयलेट से ज्यादा बैक्टीरिया
एक दूसरा रिसर्च अमेरिकी एथलीट्स के इस्तेमाल की गई बोतलों पर किया गया। जिन बोतल में उन लोगों ने लगातार एक हफ्ते तक पानी पिया था। उन बोतलों पर एक टॉयलेट सीट भी ज्यादा बैक्टीरिया मिले थे। जिनमें से 60% जर्म्स गंभीर रूप से बीमार करने के लिए काफी थे। इसलिए सिंगल यूज प्लास्टिक बोतलों को एक बार इस्तेमाल के बाद रिसाइकिल करना चाहिए ।

कैंसर सहित इन बीमारियों का खतरा
रिसर्च में पता चला कि टेम्परेचर बढ़ने पर प्लास्टिक ‘डाइऑक्सिन’ नाम का केमिकल रिलीज करता है। हायली टॉक्सिक होने के कारण इससे ब्रेस्ट कैंसर और PCOS की आशंका होती है।

स्पर्म काउंट कम होता है: प्लास्टिक में फैथलेट होता है जो लिवर कैंसर का खतरा बढ़ाता है। साथ ही इससे स्पर्म काउंट भी कम होता है।

Whenever we go out somewhere and feel thirsty, we buy a bottle of water from the shop. At the same time, even in summer, we keep water filled in plastic bottles in the fridge.

Even when they go to the gym to exercise, many people carry water in a plastic bottle.

But do you know that storing water in a plastic bottle for a long time can cause great harm to your health. There have been shocking revelations on this in a research.

These revelations in research
According to a research by the University of Cincinnati, USA, plastic bottles contain a chemical called Bisphenol A (BPA). Also, it contains harmful chemicals and bacteria. This can lead to many dangerous diseases like diabetes and cancer. Plastic is a polymer. It is made up of carbon, hydrogen, oxygen and chloride. If the elements found in the chemicals and polymers present in it enter the body, then they have a different chemical reaction. This reaction becomes the cause of many diseases in the body.

hormonal imbalance
In a research of New York University, studied 5000 people. These 5,000 people used plastic bottles. Their urine tests revealed that most people had hormonal problems. These people used to drink water in plastic or cold drink bottles. The reason for this was the harmful chemicals found in the plastic bottle. There is a possibility of many more diseases due to the use of single use plastic bottle.

more bacteria than toilet
Another research was done on the bottles used by American athletes. The bottle in which those people drank water continuously for a week. Those bottles had more bacteria than a toilet seat. 60% of which contained enough germs to make them seriously ill. That’s why single use plastic bottles should be recycled after one use.

Risk of these diseases including cancer
In research, it was found that plastic releases a chemical called ‘dioxin’ when the temperature rises. Being highly toxic, it is prone to breast cancer and PCOS.

Sperm count is low: Plastic contains phthalate which increases the risk of liver cancer. as well as

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