बिहार पेपर लीक मामले में ED की बड़ी कार्रवाई: TRE-3 से लेकर NEET समेत 4 परीक्षाएं जांच के रडार पर, माफियाओं की संपत्ति होगी जब्त
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक करने वाले गिरोहों पर नकेल कसने के लिए अब केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मोर्चा संभाल लिया है। वर्ष 2024 के बाद आयोजित हुई कई प्रमुख बहाली परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की गहन जांच ED द्वारा शुरू कर दी गई है। राज्य की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने ऐसी संदिग्ध परीक्षाओं की सूची केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक के पीछे कौन-कौन से मुख्य चेहरे शामिल थे, इसमें कुल कितने रुपये का लेन-देन हुआ और अवैध कमाई से कौन-कौन सी संपत्तियां बनाई गईं।
परीक्षा माफियाओं पर अब ED का शिकंजा
बिहार सरकार ने परीक्षा धांधली को रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2024 में ‘बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम’ लागू किया था। अब इस पूरे मामले में केंद्रीय एजेंसी की सख्त जांच भी जुड़ गई है। चर्चित परीक्षा माफिया संजीव मुखिया और उसके सिंडिकेट के खिलाफ ED पहले से ही जांच कर रही है। अब 2024 और उसके बाद हुए अन्य पेपर लीक मामलों को भी इसी जांच के दायरे में शामिल कर लिया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) की सख्त धाराओं के तहत सॉल्वर गैंग, माफिया और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। इस जांच का मुख्य उद्देश्य केवल पेपर लीक के स्रोतों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि धांधली के जरिए जुटाई गई अवैध चल-अचल संपत्तियों को जब्त करना भी है।
चार बड़ी परीक्षाएं ED के रडार पर
- TRE-3 (शिक्षक भर्ती परीक्षा, 2024):
बिहार शिक्षक बहाली परीक्षा (TRE-3) का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद बड़ा हंगामा हुआ था, जिसके चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इस मामले में एजेंसियों ने 296 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई। अब ED इस बात की पड़ताल कर रही है कि प्रश्नपत्रों की खरीद-फरोख्त में कितना पैसा लिया गया और यह रकम किन खातों या माध्यमों से ट्रांसफर हुई। - NEET (2024):
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2024 में बिहार के केंद्रों पर सामने आई अनियमितताओं की जांच के बाद 45 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। इस मामले में भी ED यह जांच कर रही है कि अभ्यर्थियों से ऐंठी गई मोटी रकम कहां-कहां निवेश की गई। - CHO (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर परीक्षा, 2025):
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) भर्ती परीक्षा में भी प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इस केस में 40 लोगों को जेल भेजा गया था। फिलहाल इस परीक्षा का पुनर्गठन होना बाकी है। ED अब यह ट्रैक कर रही है कि इस फर्जीवाड़े से मिली रकम को आरोपियों ने कहां खपाया। - AEDO (2026):
सहायक कार्यपालक विकास अधिकारी (AEDO) भर्ती परीक्षा भी धांधली और पेपर लीक के आरोपों के चलते ED की निगरानी में आ चुकी है। एजेंसी इस परीक्षा से जुड़े सिंडिकेट और उनके वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्योरा खंगाल रही है।


