पटना के पास बनेगी बिहार की नई स्पोर्ट्स सिटी, 651 एकड़ में तैयार होगा खेलों का हब
राजधानी पटना के समीप प्रस्तावित ‘पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ अब केवल आधुनिक रिहायशी सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे राज्य के सबसे बड़े आधुनिक स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। टाउनशिप की मास्टर योजना में खेल गतिविधियों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुल 651 एकड़ भूखंड आरक्षित किया गया है। यहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम, ट्रेनिंग सेंटर और गोल्फ कोर्स बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा तथा खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की मौजूदगी में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें खेल सुविधाओं के लेआउट और कार्यान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
651 एकड़ में तीन हिस्सों में विकसित होगा खेल क्षेत्र
पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड टाउनशिप के अंतर्गत खेल क्षेत्र को मुख्य रूप से तीन बड़े और आधुनिक हिस्सों में विभाजित करके विकसित करने की योजना है:
- 225 एकड़ में बनेगी अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सिटी:
लगभग 225 एकड़ जमीन पर हाई-टेक स्पोर्ट्स सिटी बनाई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य एथलीटों के लिए विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर, स्पोर्ट्स एकेडमी और आवासीय परिसर विकसित करना है। - 187 एकड़ में बनेगा गोल्फ कोर्स:
टाउनशिप के 187 एकड़ क्षेत्र को एक भव्य गोल्फ कोर्स निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है। इससे राज्य में गोल्फ जैसी वैश्विक खेल गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। - 239 एकड़ में मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स:
परियोजना का सबसे बड़ा हिस्सा (239 एकड़) एक विशाल मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में तैयार होगा। यहाँ कई तरह के इनडोर और आउटडोर खेलों के लिए आधुनिक स्टेडियम और बुनियादी ढांचा एक ही परिसर में उपलब्ध होगा।
ओलिंपिक स्तर की होंगी सुविधाएं
समीक्षा बैठक के दौरान खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने निर्देश दिया कि इस पूरे खेल परिसर में निर्मित होने वाली सुविधाएं ओलिंपिक मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। लक्ष्य सिर्फ बुनियादी मैदान तैयार करना नहीं है, बल्कि ऐसा ढांचा खड़ा करना है जहां नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं तथा चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया जा सके। इससे बिहार को बड़े खेल टूर्नामेंटों की मेजबानी करने का अवसर मिलेगा।
खिलाड़ियों को मिलेगा ट्रेनिंग का आधुनिक प्लेटफॉर्म
इस स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण से बिहार के उभरते खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए अब राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। परिसर के भीतर हॉस्टल, जिमनेजियम, फिजियोथेरेपी सेंटर, स्पोर्ट्स साइंस लैब और अनुभवी कोचों की व्यवस्था रहेगी, जिससे राज्य के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच प्राप्त होगा।


