Categories

August 18, 2026

INDIA FIRST NEWS

Satya ke saath !! sadev !!

JPSC Scam: 70 लाख में अफसर बनाने का खेल, सदस्यों और चेयरमैन पर लगा इंटरव्यू सेटिंग का आरोप

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच कर रही सीआईडी (CID) के हाथ कई बड़े और चौंकाने वाले सुराग लगे हैं। मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल अभय तिवारी द्वारा पुलिस को दिए गए बयान से आयोग के शीर्ष अधिकारियों, सदस्यों और परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी की मिलीभगत की पूरी परतें खुल गई हैं। आरोप है कि आयोग के तत्कालीन उच्च पदस्थ पदाधिकारियों और सदस्यों ने निजी एजेंसी के साथ मिलकर अभ्यर्थियों से भारी-भरकम रकम लेकर साक्षात्कार में अनुचित लाभ पहुंचाया।

समीक्षा के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क अभ्यर्थियों को चयनित कराने के एवज में 60 से 70 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार तक की सौदेबाजी कर रहा था।

कुल 7 अभ्यर्थियों को पहुंचाए गए लाभ

जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि परीक्षा से जुड़ी आउटसोर्सिंग कंपनी TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, बिचौलियों और आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच साठगांठ से उम्मीदवारों का डेटा एक्सचेंज किया जाता था। दावा किया गया है कि 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा के दौरान कम से कम सात अभ्यर्थियों को विशेष रूप से साक्षात्कार बोर्ड के जरिए अनुचित मदद दी गई, जिसके एवज में लाखों रुपये का लेन-देन हुआ।

बयान के मुताबिक, साक्षात्कार (Interview) प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता खत्म करने के लिए अभ्यर्थियों के गुप्त कोड को डिकोड कराया जाता था। आयोग के सदस्यों द्वारा परीक्षा एजेंसी पर दबाव बनाकर कोड डिकोड कराया जाता था, ताकि मनचाहे अभ्यर्थियों को एक विशिष्ट इंटरव्यू बोर्ड में ही भेजा जा सके और उन्हें अधिक अंक दिए जा सकें।

सीडीपीओ परीक्षा में भी वसूली का दावा

सीआईडी के समक्ष दिए गए बयान में केवल सिविल सेवा परीक्षा ही नहीं, बल्कि बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) भर्ती परीक्षा में भी इसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता का दावा किया गया है।

आरोप है कि सीडीपीओ परीक्षा में प्रति अभ्यर्थी लगभग 10 लाख से 15 लाख रुपये तक की दर तय की गई थी। परीक्षा कराने वाली एजेंसी और बिचौलियों के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों के बजाय पैसे देने वाले अभ्यर्थियों को इंटरव्यू बोर्ड में फायदा पहुंचाकर अंतिम रूप से चयनित कराने का खेल खेला गया। फिलहाल सीआईडी इस वित्तीय लेन-देन के तमाम साक्ष्यों और डिजिटल सबूतों को जुटाने में लगी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *