मुरूप पंचायत सचिवालय में रक्तदान सह निशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन कल
*मुरूप में स्वैच्छिक रक्तदान सह निशुल्क नेत्र जांच शिविर कल, तैयारी पूरी*
सराइकेला प्रखंड अंतर्गत मुरूप पंचायत सचिवालय के प्रांगण में स्वैच्छिक रक्तदान सह निशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन कल होगा,इसकी सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। शिविर के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति द्वारा मुरूप पंचायत व आस पास के गांवों में व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह शिविर आगामी दिनांक 12 मार्च 2023 रविवार को रखा गया है। शिविर का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे से होगा जो लगातार अपराहन 4:00 बजे तक चलेगा। क्षेत्र के लोगों के प्रति जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर का लाभ लेने की अपील की गई। इसी दौरान महतो क्लिनिक सांडेबुरु, खरसावाॅं पहुंचकर एक प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. जगदीश प्रसाद महतो को आमंत्रण पत्र देकर इस रक्तदान शिविर तथा नेत्र जांच शिविर में अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करने का आग्रह किया । प्रचार के दौरान बताया गया कि मानव रक्त का कोई विकल्प नहीं है। आपातकालीन स्थिति में हमें जब भी रक्त की आवश्यकता होती है, तब हमें तत्काल रक्त मिल जाती है अगर हम रक्तदान किये रहते हैं।
रक्तदान करने के कई फायदे भी हैं, सर्वप्रथम हमारे शरीर की जांच हो जाती है ,और हम स्पष्ट हो जाते हैं कि हम स्वस्थ हैं, क्योंकि एक स्वस्थ मनुष्य से ही रक्तदान करवाया जाता है । रक्तदान करने के 24 घंटे उपरांत ही उतना रक्त हमारा शरीर आपूर्ति कर लेता है। इससे किसी प्रकार की कमजोरी एवं अस्वस्थ होनें की समस्या नहीं होती है। रक्तदान से ही किसी की जान बचाई जा सकती है ।इसलिए रक्तदान को महादान कहा गया है । प्रत्येक मनुष्य को रक्तदान करना चाहिए ताकि अपने शरीर में ब्लड सरकुलेशन सही ढंग से हो सके।
रक्तदान करके हम न जाने कितने लोगों की जान बचा सकते हैं। हालांकि भारत में आज भी लोग रक्तदान करने से डरते हैं। उन्हें लगता है कि इससे शरीर में कमजोरी आ जाएगी। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। ब्लड डोनेशन से शरीर स्वस्थ रहता है, और कई बीमारियां दूर होती हैं। हार्ट के लिए रक्तदान करना काफी फायदेमंद माना जाता है। ब्लड डोनेशन से वजन कंट्रोल रहता है। इससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां का जोखिम भी कम होता है। ब्लड डोनेशन को लेकर लोगों के अंदर जागरुकता की कमी है। इसीलिए लोग रक्तदान करने से डरते हैं। इस दौरान डॉ राधेश्याम महतो, डॉ अशोक कुमार महतो, हीरालाल महतो,अजीत प्रधान, हेमसागर प्रधान, देवदत्त प्रधान, गीराचंद हो,संजय प्रधान,अरुण महतो , दिनेश महतो समेत क्षेत्र के तमाम समाजसेवी बुद्धिजीवी एवं कार्यकर्ता शामिल थे।
