स्वाधार फिनेक्सेस की कहानी,ग्रामीणों की जुबानी, अधूरी थी जानकारी होती थी परेशानी
चाईबासा : स्वाधार फिनेक्सेस की कहानी,ग्रामीणों की जुबानी, अधूरी थी जानकारी होती थी परेशानी*
जी हाँ स्वाधार फिनेक्सेस एक ऐसी संस्था जो ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है यह चर्चा वित्तीय जागरूकता को लेकर हो रही है। जहाँ संस्था के द्वारा डोर टू डोर कैंपेनिंग से सुदुरवर्ती ग्रामीणों को काफी समस्याओं का समाधान गाँव घर पर ही प्राप्त हो रहा है। स्वाधार संस्था बैंक की पूरी जानकारी देने के साथ-साथ लोगों को तकनीकी रूप से सहायता भी कर रही है जैसे कि गरीब तबके के दिहाड़ी मजदूरों को उन कैंप मोड पर खाता निःशुल्क खुलवा दिया जा रहा है। जिससे ऐसे लोगों को संस्था के आ जाने से मदद के तौर पर योजनाओं से सीधे खाते पर ही मदद मिल रहा है ।इस संस्था के द्वारा ही गाँव में साइबर क्राइम से बचने के जमीनी स्तर की जानकारी दी जा रही है और लोग इससे भी लाभ ले पा रहे है और जो भी छोटी- मोटी त्रुटियां होती थी ग्रामीणों को अब इन समस्याओ से निजात मिलने लगा है।
Chaibasa: The story of Swadhar Finexes,
in the words of the villagers,
the information was incomplete and
there was trouble.
Yes, Swadhar Finexes is such an
organization which has become a topic
of discussion among the villagers,
this discussion is happening regarding
financial awareness. Where by door to door
campaigning by the organization,
remote villagers are getting solutions
to many problems at their village home itself.
Swadhar Sanstha is providing complete
information about the bank as well as
providing technical assistance to the people.
