सरायकेला में वारंग क्षिति लिपि के जनक ओत गुरु कोल लाको बोदरा की जयंती पर शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन


सरायकेला बारंग क्षिति लिपि के जनक ओत गुरु कोल लाको बोदरा के जयंती के मौके पर सरायकेला के बड़बिल स्थित आदिवासी कला केंद्र परिसर में का आयोजन किया गया जिससे पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन शामिल हुए। सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री ने गुरु कोल लाको बोदरा के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री ने देश के गृहमंत्री अमित शाह को जमकर सहराना की उन्होंने बताया कि भारत सरकार आदिवासियों की लेकर गंभीर है आदिवासी के कला संस्कृति और भाषा को लेकर केंद्र गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों दिल्ली के जंतर मंतर पर ही भाषा को संविधान के आठवां अनुसूची में शामिल करने को लेकर दिए गए धरना पर गंभीरता पूर्वक संज्ञान लिया है।

साथ ही उन्होंने भी पत्र लिखकर इस दिशा में सार्थक पहल करने की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी बाजपेयी ने अलग झारखंड राज्य दिया। भाजपा ही इस राज्य को सवार सकती है। उन्होंने लोगों से भाषा संस्कृत के लिए एकजुट होकर बैसै लोगों का साथ देने की अपील की जो आदिवासियों के लिए सोच रही है।

इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बीदरा, बबलू सीरेन, चंचल गोस्वामी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
