ईरान-इजराइल टेंशन: शांति वार्ता की तैयारी कर रहा पाकिस्तान कहीं बन न जाए पोपट, दो दिनों की छुट्टी
ईरान-इजराइल तनाव: शांति वार्ता की तैयारी में पाकिस्तान, क्या सफल होगी पहल?
ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित युद्धविराम (Ceasefire) संकट के घेरे में आता दिख रहा है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शांति की पहल के बावजूद, लेबनान पर इजराइली हमले ने स्थिति बिगाड़ दी है, जिसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया है। इन सबके बीच, 10 अप्रैल को पाकिस्तान में प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, हालांकि मौजूदा तनाव ने इस पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
इस्लामाबाद में दो दिनों की छुट्टी का ऐलान

शांति वार्ता की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में दो दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इस दौरान अनिवार्य सेवाओं को छोड़कर सभी दफ्तर और संस्थान बंद रहेंगे। प्रशासन ने नागरिकों को अपनी जरूरी गतिविधियों की योजना इस अवकाश के अनुसार बनाने का सुझाव दिया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और इजराइल के बीच ताजा संघर्ष के बाद इस वार्ता की प्रासंगिकता कम होती दिख रही है।
अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव को किया दरकिनार
शांति स्थापित करने के प्रयासों में पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ हुए युद्धविराम समझौते में लेबनान शामिल नहीं है। इससे पहले, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि यह सीजफायर लेबनान सहित सभी क्षेत्रों पर प्रभावी होगा, लेकिन अमेरिकी रुख ने पाकिस्तान की इस उम्मीद को धराशायी कर दिया है।

लेबनान में भीषण हमला: युद्धविराम पर मंडराते बादल
युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने लेबनान पर हवाई हमले किए, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान चली गई और सैकड़ों घायल हो गए। इस कार्रवाई के प्रतिशोध में ईरान ने समुद्री मार्ग (होर्मुज) को अवरुद्ध कर दिया है। अमेरिका अब ईरान से इस जलमार्ग को दोबारा खोलने की मांग कर रहा है। ताजा घटनाक्रम ने यह चिंता बढ़ा दी है कि क्या अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच हुआ यह समझौता लंबे समय तक टिक पाएगा।
