Categories

September 17, 2026

INDIA FIRST NEWS

Satya ke saath !! sadev !!

जमशेदपुर : टीएसडीपीएल. कंपनी द्वारा प्रशिक्षु बहाली में अनियमित्ता बरते जाने के खिलाफ उपायुक्त को ज्ञापन, कंपनी प्रबंधन पर उचित कार्रवाई करने की मांग

टीएसडीपीएल. कंपनी द्वारा प्रशिक्षु बहाली में कथित रूप से अनियमितता बरते जाने के ख़िलाफ़ उपायुक्त को आज ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें बताया गया है कि टी. एस.डी.पी. एल. कंपनी द्वारा प्रशिक्षु बहाली में “झारखण्ड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवार का नियोजन अधिनियम 2021 एवं नियमावली 2022” का उलंघन करते हुए 84 प्रशिक्षुओं को जॉयनिंग लेटर दिए जा रहा है, जबकि उपायुक्त के कार्यलय से निर्गत प्रत्रांक- 599 दिनांक-16.12.2023 के आदेश से बहाली प्रक्रिया की जाँच चल रही है। बावजूद इसके प्रशिक्षु को जॉइनिंग लेटर दिया जाना उपायुक्त के आदेश की अवहेलना है। ज्ञापन में जॉइनिंग प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाते हुए टीएसडीपीएल कंपनी प्रबंधन पर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है।

उक्त ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रांक संख्या 599/ज. शि. (जनता दरबार ) दिनांक -16. 12. 2023 विषय :-टीएसडीपीएल कंपनी एवं अन्य निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों द्वारा नियोजन हेतु नियोजन नीति के अनुपालन के संबंध में उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम के निर्देशानुसार अपर उपयुक्त, पूर्वी सिंहभूम की अध्यक्षता में जेनरल मेनेजर, जिला उद्योग केंद्र, निर्देशक, अवर प्रादेशिक नियोजनालय जमशेदपुर, सहायक निदेशक, अवर प्रादेशिक नियोजनालय जमशेदपुर एवं संबंधित कंपनियों की प्रतिनिधि के साथ पहली बैठक आयोजित एवं दूसरी बैठक में शिकायतकर्ता संयोजक झारखंड जनतांत्रिक महासभा की उपस्थिति में होना था।

पहली बैठक दिनांक 28. 12. 2023 को उक्त कमेटी एवं कंपनी प्रबंधन के बीच हो चुकी है, कंपनी द्वारा दिया गया प्रशिक्षु को स्थानीय प्रमाण पत्र की जांच चल रही है। सहायक निदेशक,अवर प्रादेशिक नियोजनालय, जमशेदपुर का कहना है कि स्थानीय प्रमाण पत्रों की जांच पूरा होने पर अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में लोकसभा चुनाव 2024 के बाद दूसरी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें शिकायतकर्ता को भी शामिल किया जाएगा।
84 कर्मचारियों द्वारा यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय का सम्मान !
दैनिक अखबार हिंदुस्तान एवं दैनिक भास्कर, जमशेदपुर दिनांक 8. 4.2024 में प्रकाशित समाचार का हवाला देते हुए कहा गया है कि इसमें टीएसडीपीएल कंपनी ने 84 अस्थाई कर्मचारियों को स्थाईकरण का नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिया है। रविवार को स्थाई होने वाले 84 कर्मचारियों द्वारा यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय के आवास पहुंचकर उनको सम्मानित जाने का समाचार छपा है। इसके साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उपायुक्त के कार्यालय से निर्गत पत्रांक 599 दिनांक16.12.2023 के प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, जबकि उक्त बहाली कर 84 प्रशिक्षुओं का स्थानीय प्रमाण पत्र एवं स्थानीय प्रमाण पत्र बनने का आधार – की जांच सहायक निदेशक,अवर प्रादेशिक नियोजनालय, जमशेदपुर द्वारा किया जा रही है। सहायक निदेशक का कहना है की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोकसभा चुनाव के बाद अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक बुलाई जाएगी। उसके बाद ही बहाली का कार्य आगे बढ़ने का प्रक्रिया होगी।

नियुक्ति पत्र प्रशिक्षुओं को देने संबंधी संगठन को कंपनी द्वारा कोई जानकारी उपलब्ध नहीं
इससे पहले टीएसडीपीएल कंपनी प्रबंधन द्वारा फाइनल नियुक्ति पत्र दे दिया जाता है, तो यह गलत है। कंपनी प्रबंधन पर कार्रवाई की जाए, क्योंकि नियुक्ति पत्र प्रशिक्षुओं को देने संबंधी संगठन को कंपनी द्वारा कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जबकि टीएसडीपीएल कंपनी द्वारा उपायुक्त के निर्देश की अवहेलना करते हुए 84 प्रशिक्षुओं को दिनांक 2.5. 2024 से जॉइनिंग का पत्र दे दिया है। यह “झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम 2001 नियमावली 2022” का उल्लंघन है.
टीएसडीपीएल कंपनी प्रबंधन बहाली प्रक्रिया को संदेहास्पद करार देते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि सादे कागज के फॉर्मेट पर टाटा स्टील की इकाई प्रशिक्षु बहाली हेतु आवेदन लिया था, जिसमें कंपनी का लोगो भी नहीं था। साथ ही “झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवार का नियोजन अधिनियम 2021 एवं नियमावली 2022” का कोई जिक्र नहीं था।

झारखंड जनतांत्रिक महासभा इस बहाली का शुरू से पुरजोर विरोध करती आ रही है
झारखंड जनतांत्रिक महासभा के पत्राचार के बाद उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम सहायक निदेशक,अवर प्रादेशिक नियोजनालय, जमशेदपुर एवं टीएसडीपीएल कंपनी के महाप्रबंधक/ एचआर हेड के बाद उपायुक्त महोदय पूर्वी सिंहभूम एवं सहायक निदेशक, अवर प्रादेशिक नियोजनालय, जमशेदपुर के हस्तक्षेप से उक्त अधिनियम की चर्चा करते हुए बहाली प्रक्रिया प्रारंभ की गई, परंतु बहाली में जो फाइनल लिस्ट 84 प्रशिक्षु का कंपनी प्रबंधन द्वारा तैयार किया गया है, उसमें 95% बाहरी हैं। झारखंड जनतांत्रिक महासभा इस बहाली का शुरू से पुरजोर विरोध करती आ रही है।

10- 15 वर्षों से इसी कंपनी में कार्यरत स्थानीय उम्मीदवारों की अनदेखी
10- 15 वर्षों से इसी कंपनी में कार्यरत स्थानीय उम्मीदवारों पिछड़ी, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के सभी उम्मीदवार लिखित परीक्षा में पास किया है। उन्हें साक्षात्कार के नाम से छांट दिया गया है और यूनियन के रिश्तेदार एवं यूनियन नेताओं के करीबियों का कंपनी प्रबंधन एवं यूनियन के मिलीभगत से पास किया गया है। तथा “झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम 2021 एवं नियमावली 2022” का घोर उल्लंघन किया गया है। यह बहाली घोर अनियमकता है टाटा स्टील जैसे रिपोर्टेड कंपनी के प्रबंधन टीएसडीपीएल द्वारा यूनियन से मिलकर इस तरह का अनियमितता किया गया है। उपायुक्त को ज्ञापन देने में कृष्णा लोहार, सोमनाथ पड़िया, विष्णु गोप, दीपक रंजीत, सोमनाथ मुख़र्जी आदि शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *