July 24, 2024

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खरसावां, शिकायत के बावजूद प्रशासन ने एक न सुनी,श्रमदान कर ग्रामीणों ने बना डाली सड़क

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खरसावां प्रखंड हरिभजा पंचायत अंतर्गत पाताहातु गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह से जजेर ( उखड़ ही गयी है इससे बरसात के मौसम में पंचायत मुख्यालय प्रखंड मुख्यालय जिला मुख्यालय में ग्रामीणों को आने-जाने के लिए बहुत ही दिक्कत होती है बारिश के दिनों में सड़क में गड्ढे बन जाती है वहीं पूरी सड़क कीचड़मय ही जाती है, जबकि गर्मी बा सर्दी के मौसम में उडती धुल से लोग परेशान रहते हैं पाताहातु गांव के ग्रामीणों ने बैठक कर जिला प्रशासन से सड़क की जीणोद्बार की मांग की है ग्रामीणों ने बताया कि इस आदिवासी बुहल गांव में करीब 500 लोग निवास करते हैं ग्रामीण ने बताया कि पूर्व में क ई बार जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन को भी लिखित आवेदन देकर पक्की सड़क बनाने की मांग कर चुके हैं फिर भी सड़क अब तक नहीं बना ग्रामीणों ने बताया कि अब आर पार की लड़ाई होगी बैठक में पक्की सड़क के लिए आंदोलन करने की बात कही गई ग्रामीणों ने बैठक के पश्चात श्रमदान कर सड़क की मरामाती किया गांव के महिला और पुरुषों ने श्रमदान कर सड़क पर बनी गड्ढे को भारत ताकि आवागमन में कुछ सुविधा हो सके इस दौरान मुख्य रूप से जगमीहन मुडारी, मुन्नीलाल जामुदा, एती मुडारी, रवाना सिजुई, सुरज सिजुई, हिदु सिजुई, जानीमाई जामुदा, सिलवती मुडारी, मुक्त सिजुई, जानकी कुई, अनिता सिजुई, तरण सिजुई, सीनु सिजुई, तुलसी, शंकरी, गुरबारी आदि उपस्थित थे।

The unpaved road of Patahatu village under Kharsawan Block Haribhaja Panchayat is completely uprooted, due to which the villagers face a lot of difficulty in commuting to the Panchayat Headquarters, Block Headquarters, District Headquarters during the rainy season. There are potholes in the road during the rainy season. When it is constructed, the entire road remains muddy, while people are troubled by the flying dust during summer and winter season. The villagers of Patahatu village held a meeting and demanded the renovation of the road from the district administration. The villagers told that this tribal Buhal village About 500 people reside in the village. The villagers told that in the past they have given written applications to the public representatives and the administration many times demanding the construction of a concrete road, yet the road has not been built yet. The villagers said that now there will be a fight across the meeting. After the meeting, villagers donated labor to repair the road. The women and men of the village donated labor to repair the potholes on the road so that there could be some convenience in transportation. During this, mainly Jagmihan Mudari were present

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