June 25, 2024

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बिरयानी के नाम पर स्कूलों में छात्रों को परोसी जा रही खिचड़ी !, मिडडे मील की हालत देख खाने से इंकार कर रहे बच्चे

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झारखंड: लोहरदगा में सेंट्रलाइज्ड किचन के माध्यम से स्कूलों में दोपहर का भोजन पहुंचाया जा रहा है। जिले के कई प्रखंडों में सेंट्रलाइज्ड किचन के माध्यम से ही बच्चों को भोजन मिल रहा है।

पिछले कई महीनों से भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद अब तक गुणवत्ता में सुधार को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा सका है।

खाने से इंकार कर देते हैं छात्र
खाने की गुणवत्ता ऐसी है कि भोजन की हालत देख विद्यार्थी स्कूल में दोपहर का भोजन खाने से इंकार कर देते हैं। ज्यादातर भोजन या तो फेंकना पड़ता है या यूं ही बेकार चला जाता है। शहरी क्षेत्र के एक स्कूल में बुधवार को कुछ इसी तरह से भोजन आने पर विद्यार्थी भोजन देखकर ही भागने लगे।

अब कोई नहीं खड़ा करता सवाल शिक्षक मजबूरी में कहते हैं कि वह इसमें क्या कर सकते हैं। जब विद्यालय स्तर पर दोपहर के भोजन का संचालन होता था तो अधिकारी आकर कई सवाल खड़े करते थे लेकिन आज भोजन की गुणवत्ता को लेकर कोई कुछ कहने वाला नहीं है। यदि वह कुछ कहेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बिरयानी के नाम पर परोसी जा रही खिचड़ी

सेंट्रलाइज्ड किचन के माध्यम से बुधवार को जो भोजन दिया गया, उसे बिरयानी और दाल कहा गया लेकिन परोसा गया भोजन बिरयानी कम और खिचड़ी ज्यादा लग रहा था। इसकी गुणवत्ता भी विद्यार्थियों को निराश कर रही थी। दाल के नाम पर चावल का पानी और पालक साग नजर आ रहा था, जिसे देखकर विद्यार्थी खाने से इंकार कर रहे थे। लगातार सवाल उठने के बावजूद गुणवत्ता में सुधार को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

Jharkhand: Mid-day meals are being delivered to schools through  centralized in Lohardaga. In many blocks of the district, children are getting food only through centralized kitchens.
For the last several months, questions are being raised continuously regarding the quality of food. Despite this, no steps have been taken to improve the quality so far.

students refuse to eat
The quality of food is such that students refuse to eat lunch in the school due to the condition of the food. Most of the food either has to be thrown away or simply goes to waste. In a school in the urban area, on Wednesday, when food arrived in a similar way, the students started running away on seeing the food.

Now no one raises questions, teachers say under compulsion that what can they do in this. When midday meal was being conducted at the school level, the officials used to come and raise many questions, but today no one is going to say anything about the quality of the food. If he says anything, action will be taken against him.

Khichdi being served in the name of BiryaniThe food served on Wednesday through the centralized kitchen was called Biryani and Dal but the food served looked less like Biryani and more like Khichdi. Its quality was also disappointing the students. Rice water and spinach greens were being seen in the name of pulses, seeing which the students were refusing to eat. Despite raising questions continuously, no concrete steps are being taken to improve the quality.

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