शीर्षक: BRICS शिखर सम्मेलन 2026: नई दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, आज पीएम मोदी संग द्विपक्षीय बातचीत
18वें ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर को भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया है। इस अहम बैठक में दोनों देशों के मध्य रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
रक्षा सौदों पर रहेगी खास नजर
दोनों राष्ट्रध्यक्षों की इस चर्चा में भारत-रूस रक्षा समझौते सबसे केंद्र में रहने वाले हैं। माना जा रहा है कि S-400 मिसाइल प्रणाली की बकाया खेप की आपूर्ति, ब्रह्मोस मिसाइल तकनीक में नए अपडेट्स और Su-57 फाइटर जेट से जुड़े प्रमुख प्रस्तावों पर रणनीतिक सहमति बन सकती है। इसके जरिए दोनों देश अपने पुराने सैन्य-तकनीकी संबंधों को नया आयाम देने की तैयारी में हैं।
न्यूक्लियर एनर्जी और ऊर्जा सहयोग भी एजेंडे में
रक्षा के साथ-साथ नागरिक परमाणु ऊर्जा (Civil Nuclear Energy) और व्यापक ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। भारत में नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, व्यापारिक गति को तेज करने, प्रत्यक्ष निवेश बढ़ाने तथा अत्याधुनिक तकनीकों के लेन-देन पर बातचीत मुख्य एजेंडे का हिस्सा रहेगी।
BRICS बिजनेस फोरम को भी संबोधित करेंगे पुतिन
द्विपक्षीय वार्ता के अलावा, राष्ट्रपति पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तहत आयोजित व्यापारिक कार्यक्रमों में भी सहभागिता करेंगे। वह ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र (Plenary Session) को संबोधित करने वाले हैं, जहां भारत और रूस के बीच आर्थिक साझेदारी, कमर्शियल निवेश और तकनीकी सहयोग को गति देने वाले मुद्दों पर प्रकाश डाला जाएगा।
कई देशों के नेताओं से भी मिलेंगे रूसी राष्ट्रपति
दिल्ली में जारी इस बहुपक्षीय सम्मेलन के दौरान व्लादिमीर पुतिन अन्य वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इसमें दक्षिण अफ्रीका, मिस्र और मलेशिया के राष्ट्राध्यक्षों के साथ अलग से बैठकें आयोजित की जा सकती हैं। रूस के वैश्विक रुख और कूटनीति के लिहाज से दिल्ली में हो रहा यह सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग
इसी सम्मेलन की श्रृंखला में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी 12 सितंबर को दिल्ली पहुंच रहे हैं। लगभग 7 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रही उनकी यह भारत यात्रा कूटनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच भी द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है, जिसमें भारत-चीन सीमा स्थिति और व्यापारिक संतुलन पर बातचीत हो सकती है।
मोदी-पेजेशकियन मुलाकात पर भी नजर
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ भी द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं। मध्य पूर्व में व्याप्त तनाव और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा इस वार्ता का मुख्य विषय हो सकते हैं। ईरान के ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बनने के बाद इस क्षेत्र में संगठन की भूमिका और मजबूत हुई है।


