Categories

August 18, 2026

INDIA FIRST NEWS

Satya ke saath !! sadev !!

झारखंड की रहस्यमयी दास्तान, पत्थर बनी बारात से आज भी सुनाई देती है ढोल की आवाज

झरिया के सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के पलानी पंचायत के गुलुडीह गांव में एक ऐसी रहस्यमयी जगह है, जहां सतयुग की एक बारात आज भी पत्थर के रूप में खड़ी है। मान्यता है कि कुल देवी के श्राप से दूल्हा-दुल्हन समेत पूरी बारात को पत्थर में बदल दिया गया था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आज भी वहां मौजूद पत्थरों से ढोल-नगाड़ों जैसी ध्वनियाँ सुनाई देती हैं, जिसे ग्रामीण चमत्कार और श्राप का प्रतीक मानते हैं।स्थानीय लोग बताते हैं कि बारातियों को यह श्राप इसलिए मिला क्योंकि वे पूर्वजों की परंपरा के अनुसार सूर्योदय से पहले घर नहीं लौट सके। जैसे ही मुर्गे की बांग सुनाई दी, पूरी बारात पत्थर में बदल गई। आज भी गांव के मध्य स्थित टापू पर दूल्हा-दुल्हन की आकृति और हाथी-घोड़े के खुरों के निशान देखे जा सकते हैं।

धीरन महतो और विश्वजीत कुमार जैसे ग्रामीणों की मानें तो, यह केवल दंतकथा नहीं, आस्था और विरासत का जीवंत उदाहरण है। यहां के लोग इन पत्थरों को श्रद्धा से पूजते हैं, और शादी से पहले कुलदेवी का आशीर्वाद लेना आवश्यक मानते हैं।यह जगह आज भी न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि लोककथाओं और सांस्कृतिक धरोहर में रुचि रखने वालों के लिए एक जीवित इतिहास है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *