सरायकेला : सीएम के सख्ती के बाद भी चांडिल में बेखौफ चल रहा बालू का अवैध कारोबार, सरकार को बड़े पैमाने में हो रही है राजस्व की क्षति, आखिर कहां से आ रहा है बालू माफियों का हौसला
एंकर/सरायकेला जिला क्षेत्र चांडिल अनुमंडल के कपाली ओपी एवं चांडिल थाना अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी के गौरी घाट लेकर सहरबेड़ा, भुईयाडीह घाट तक बालू माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से अवैद्य बालू उठाव का काम बेरोकटोक किया जा रहा है।

वहीं बालू माफियाओं द्वारा हरदिन की जाने वाले बालू के अवैध धंधे से राज्य सरकार का अच्छा खासा राजस्व की क्षति हो रही है। वहीं बताते चलें कि चुनाव के पश्चात सूबे के नवनियुक्त मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बालू के उठाव और परिचालन में प्रतिबंध लगा रखा है, इसके बाउजूद कपाली व चांडिल थाना क्षेत्र के घाटों में निरंतर अवैध बालू का धंधा फल फूल रहा है।

ज्ञात हो कि इस वर्ष अप्रैल माह में उच्च न्यायालय के आदेश पर एनजीटी की तीन सदस्य टीम अवैध बालू के उत्खनन को रोकने के लिए गौरी एवं सहरबेरा घाट पहुंची थी। एनजीटी की टीम ने मौके से बालू उठाव में लगे कुछ गाड़िया सहित सामनों को भी अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई हेतु अंचल अधिकारी को रिपोर्ट तलब का आदेश दिया था। आश्चर्य की बात है सीएम के आदेश को बाउजूद जिला प्रशासन अवैध बालू कारोबार पर नकेल कसने में नाकाम क्यूं है।
