15 वें वित्त आयोग से कांड्रा पंचायत के आजाद बस्ती में बन रही सुलभ शौचालय बनाने में हो गया है खेला
सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिला में पंचायत स्तरीय विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में लाभुक समिति की सरकारी अवधारणा को हासिये में रखकर कागजी सदमा समिति ठेकेदार के माध्यम से काम कराने का प्रचलन देखा जा रहा है अमूमन सरायकेला खरसावां जिला के लगभग सभी पंचायतों में बढ़ते चलन में ने भ्रष्टाचार की मिट्टी में ठेकेदार पंचायत सदस्य अफसरों की तिकड़ी ने इतनी गहराई तक जड़े जमाली है कि एक जांच की आंच में झारखंड से लगने लगेगा।ताजा मामला जिले के गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के कांड्रा पंचायत के आजाद बस्ती का है। जहां 15 वें वित्त आयोग से बन रहे सुलभ शौचालय में खेला हो गया है।
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लगभग 2 लाख 36 हजार रुपए की लागत से बन रही सुलभ शौचालय का भारी विरोध बस्ती वासियों ने शुरू कर दी है। जहां बस्ती वासियों की महिलाओं ने कहा कि पंचायत द्वारा बनने वाली सुलभ शौचालय में कौन महिला का है और कौन पुरुष का यह समझ में नहीं आ रहा है। मोटी महिलाएं या पुरुष उक्त शौचालय के अंदर जा भी नहीं सकता है क्योंकि दरवाजा बहुत छोटा बनाया गया है।
वहीं महिलाओं ने बताया कि इसकी शिकायत पंचायत के मुखिया से करने के बावजूद भी उनके द्वारा किसी तरह का कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय वार्ड मेंबर ने बताया कि उनको बिना जानकारी दिए सुलभ शौचालय का निर्माण हो रहा है। जिसमें भारी लूट मची है, लाभुक समिति कौन है, इसकी भी जानकारी नहीं दी गई। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी मारुति मींज से जानकारी लेने पर उन्होंने इस मामले पर जांच कर ही कुछ बता पाने की बात कही। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रखंड में जितने भी विकास योजनाओं के कार्य हो रहे हैं सभी में लाभुक समिति सिर्फ मुखौटा है, और कार्य ठेकेदार के लोग कर रहे हैं।
