झारखंड में शुरू होगा देश का पहला माइन टूरिज्म, 5 अगस्त से खुलेगी खदानें
झारखंड : भारत अब पर्यटन के क्षेत्र में एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ा रहा है। देश में पहली बार कोयला खदानों को पर्यटन के लिए खोला जा रहा है। इस ऐतिहासिक योजना की शुरुआत झारखंड के धनबाद ज़िले से 5 अगस्त 2025 को होने जा रही है। बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) द्वारा शुरू की जा रही इस पहल के तहत पर्यटक अब झरिया की भूमिगत खदान और भूली की ओपनकास्ट माइंस का दौरा कर सकेंगे।

यह पहली बार होगा जब आम जनता को कोयला खदानों के अंदर जाकर खनन की असल प्रक्रिया को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा। अब सिर्फ ₹2500 से ₹2800 में करें “MINE TOUR” इस योजना के अंतर्गत पर्यटकों के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। प्रत्येक टूर के दौरान उन्हें हेलमेट, जैकेट और मास्क दिए जाएंगे, और प्रशिक्षित गाइड खदान के भीतर की जानकारी देंगे।

इस रोमांचक और ज्ञानवर्धक टूर की कीमत ₹2500 से ₹2800 के बीच रखी गई है, जिसमें दो से तीन घंटे तक का खदान भ्रमण शामिल होगा। टूरिस्टों के लिए विशेष AC बस, ब्रेकफास्ट और डिजिटल इंफॉर्मेशन डिस्प्ले जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। MINE TOURISM सिर्फ रोमांच नहीं अर्थव्यवस्था को भी देगी बढ़ावा ‘माइन टूरिज्म’ केवल एक रोमांचकारी अनुभव ही नहीं, बल्कि आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत लाभकारी पहल है।

इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं छात्र और शोधकर्ता खनन तकनीक और सुरक्षा उपायों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। इसके अलावा, यह पर्यटन मॉडल झारखंड को देश के नक्शे पर एक अनोखे पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा। प्रशासन का मानना है कि इस योजना से न केवल राज्य की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि कोयला खनन क्षेत्र की पारदर्शिता और सामाजिक स्वीकार्यता में भी सुधार होगा।

MINE TOURISM आमलोगों को भी अब कोलया खदानो के नजदीक तक लें जायेगा – पर्यटन मंत्री सुखदेव कुमार सोनू
सरकार की योजना है कि भविष्य में राज्य की अन्य खदानों को भी इस योजना से जोड़ा जाए और एक खनन संग्रहालय तथा वर्चुअल टूर की सुविधा भी विकसित की जाए। यह पहल झारखंड की पहचान को एक नया आयाम देने के साथ-साथ पूरे देश में खनन पर्यटन की नींव रखने जा रही है।
