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August 18, 2026

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ईरान को ट्रंप की दो टूक: बिना समझौते के भी खुलेगा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे जेडी वेंस

ईरान को ट्रंप की दो टूक: बिना समझौते के भी खुलेगा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को हर हाल में खोलने का ऐलान किया है। एक तरफ जहां शांति वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टीम पाकिस्तान पहुंच चुकी है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने युद्धविराम और फंड रिलीज जैसी अपनी कड़ी शर्तें सामने रख दी हैं।

ट्रंप बोले—अब समुद्री रास्ता साफ करने का वक्त आ गया है

जॉइंट बेस एंड्रयूज (JBA) पर मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया कि अब ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोलने में और देरी नहीं की जाएगी। उन्होंने शनिवार (स्थानीय समय) को कहा कि ईरान सैन्य रूप से कमजोर हो चुका है, इसलिए अमेरिका इस समुद्री रास्ते को चालू कराकर रहेगा। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वह इसके लिए किसी अंतिम समझौते का इंतजार नहीं करेंगे; यह काम डील के साथ या उसके बिना भी पूरा किया जाएगा।

ट्रंप को जल्द समाधान की उम्मीद

ट्रंप ने जानकारी दी कि उनकी एक शक्तिशाली टीम, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर शामिल हैं, इस्लामाबाद पहुंच चुकी है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया काफी तेज रहेगी। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना और वायु सेना अब वैसी ताकतवर नहीं रही और वहां के नेतृत्व पर भी दबाव है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत के जरिए हल नहीं निकला, तो अमेरिका के पास मामले को सुलझाने के अन्य तरीके भी मौजूद हैं।

ईरान ने वार्ता से पहले रखीं दो बड़ी शर्तें

दूसरी ओर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कलीबाफ के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात पाकिस्तान पहुंचा। इस टीम में ईरान के विदेश मंत्री, रक्षा परिषद के सचिव और सेंट्रल बैंक के गवर्नर जैसे दिग्गज शामिल हैं। कलीबाफ ने स्पष्ट किया कि बातचीत की मेज पर चर्चा शुरू होने से पहले दो शर्तें पूरी होनी चाहिए: पहली, लेबनान में तुरंत युद्धविराम (सीजफायर) हो और दूसरी, ईरान के फ्रीज किए गए फंड को वापस किया जाए।

सीजफायर के दायरे पर अमेरिका-ईरान में मतभेद

दोनों देशों के बीच प्रस्तावित दो हफ्ते के अस्थायी सीजफायर को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान का मानना है कि इस समझौते में लेबनान पर इजरायली हमलों का रुकना भी शामिल है। हालांकि, अमेरिका और इजरायल ने पहले ही साफ कर दिया है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उनके सैन्य अभियान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं हैं। इसी खींचतान के बीच जेडी वेंस ने कहा है कि अगर ईरान ईमानदारी दिखाएगा तो अमेरिका सहयोग करेगा, लेकिन किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं होगी।

शनिवार को इस्लामाबाद में पहली औपचारिक बैठक

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी टीम शनिवार (11 अप्रैल) सुबह ईरानी डेलीगेशन से मुलाकात करेगी। यह वार्ता पिछले एक महीने से पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कोशिश है। इस बैठक में ईरान की ओर से आर्थिक और कानूनी एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहेंगे। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या बिना शर्तें माने ईरान बातचीत को आगे बढ़ाएगा या नहीं।

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