होर्मुज स्ट्रेट खोल दो…कोई टोल नहीं, कोई भेदभाव नहीं, US-ईरान से UN की अपील
संयुक्त राष्ट्र की अमेरिका और ईरान से शांति और सहयोग की अपील
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। यूएन ने संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान दोनों से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए पूरी तरह खुला रखें। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि इस मार्ग पर किसी भी तरह का प्रतिबंध वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकता है।
बिना शुल्क और बिना भेदभाव के आवाजाही की मांग
अपने वक्तव्य में संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी प्रकार का अनुचित ‘टोल’ (Toll) या कर नहीं लगाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, देशों के बीच किसी भी भेदभाव के बिना सभी जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। यूएन के अनुसार, समुद्री कानूनों का पालन करना सभी देशों की जिम्मेदारी है।

तनाव कम करने की कोशिश
पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते राजनीतिक और सैन्य तनाव के कारण इस क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति नाजुक बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों महाशक्तियों से संयम बरतने को कहा है ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर कोई आंच न आए। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि या ब्लॉकेड (नाकाबंदी) से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर दुनिया के अन्य हिस्सों में पहुँचता है। यदि इस मार्ग में कोई बाधा आती है, तो दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है और ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है।
निष्कर्ष: कूटनीति ही एकमात्र रास्ता
संयुक्त राष्ट्र ने अंत में यह संदेश दिया है कि विवादों का समाधान युद्ध या प्रतिबंधों के बजाय कूटनीतिक बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब अमेरिका और ईरान के अगले कदमों पर टिकी हैं, ताकि वैश्विक व्यापारिक हितों की रक्षा की जा सके।
