चाचा की हुई थी सड़क हादसे में मौत, युवक ने समझा चाचा की हुई है हत्या, शक में कर दी ग्रामीण मुंडा की हत्या, पुलिस ने किया हत्यारे को गिरफ्तार
चाईबासा : पांड्रासाली ओपी के बासाहातु के ग्रामीण मुंडा मंजीत हाईबुरु के हत्याकांड मामले में एक सप्ताह में ही चाईबासा पुलिस ने मामला का उद्भेदन करते हुए हथियार के साथ महिला समेत एक युवक को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी ने कहा कि 11 मई की रात्रि को ग्राम गम्हरिया के समीप बासाहातु के ग्रामीण मुंडा मंजीत हाईबुरु की हत्या अज्ञात अपराधकर्मियों के द्वारा गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना के संबंध में मृतक के भाई शेखर हाईबुरू के द्वारा पाण्ड्राशाली ओपी में अज्ञात अपराधकर्मी के विरुद्ध कांड दर्ज कराया गया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के द्वारा त्वरित कार्रवाई के लिए टीम का गठन किया गया। टीम के द्वारा कांड का उदभेदन करते हुए अनुसंधान के क्रम में पांड्राशाली ओपी के दोपाई गांव निवासी गंगाराम तियु व उनकी चाची मुफस्सिल थाना के सुपलसाई गांव नागुरी तियु को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की एवं अभियुक्त गंगाराम तियु के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू, ग्लब्स, मोटरसाईकिल, दो खोखा, पिस्टल, अभियुक्त के द्वारा घटना के समय पहने गये कपड़ा को जप्त किया गया है।

एसडीपीओ ने कहा कि हत्या के कारण के बारे में अभियुक्त गंगाराम तियु ने जानकारी दिया कि जनवरी 2025 में गंगाराम तियु के चाचा बागुन तियु की मृत्यु सड़क दुर्घटना में हो गई थी, उस समय गंगाराम तियु बंगलौर में काम करता था। घटना की जानकारी मिलने पर वह दोपाई अपना गांव आया और आस-पास के लोगों से घटना के बारे में पता किया। जिससे उसे जानकारी मिली की बागुन तियु की मृत्यु को सड़क दुर्घटना का रूप दिया गया है, जबकि उसकी हत्या की गई है। जिसमें बासाहातु के ग्रामीण मुण्डा मंजित हाईबुरू का मुख्य रूप से हाथ है। क्योंकि इनके जमीन एवं रास्ते के विवाद के संबंध में ग्रामीण मुण्डा द्वारा विपक्ष के लोगों का साथ दिया जा रहा था।

आगे इसी प्रतिशोध में गंगाराम तियु द्वारा अपनी सुरक्षा एवं अपने चाचा का हत्या कराने में शामिल मंजीत हाईबुरू की हत्या करने के उद्देश्य से अपनी चाची नागुरी तियु के मदद से पिस्टल एवं चाकू खरीदा। वह पिस्टल को लोड कर अपने साथ हमेशा रखने लगा। इसके बाद 11 मई को अभियुक्त गंगाराम रात्री में अपने गांव के दोस्तों के साथ नशापान करने लगा, इसी दौरान पता चला कि साथ बैठे दोस्तों में एक बासाहातु का ग्रामीण मुण्डा मंजित भी है। नशापान के बाद अपने गांव के दोस्तों के साथ मंजीत को गांव बासाहातु छोड़ने के क्रम में ग्राम गम्हरिया के पास पहले पिस्टल से उसके कान के पास सटाकर फायर किया। लेकिन मंजीत की मौत नहीं हुई, फिर अपने सभी दोस्त के ईधर-उधर चले जाने के बाद वह पुन अपने भाई सनातन तियु के साथ यह पक्का करने के लिये घटनास्थल पर गया कि मंजीत जिंदा है कि मर गया।

लेकिन उसे अब भी जिंदा पाकर पिस्टल से दो बार और फायर किया, लेकिन पिस्टल में गोली फंस जाने के कारण मंजीत नहीं मरा। जिसके बाद फिर से अपने भाई के साथ घर वापस आकर पहले से रखे गये चाकू एवं ग्लब्स को साथ में ले जाकर घटनास्थल पर पहुंचकर उसे जिंदा पाकर ग्लब्स पहनकर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दिया एवं घटना में प्रयुक्त सामानों अन्यत्र छुपा दिया गया। इस घटना में शामिल गंगाराम तियु के साथ पिस्टल खरीदने में मदद करने वाली चाची नागुरी तियु को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
