ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से खाड़ी देशों में भारी तनाव; बहरीन और कुवैत समेत कई देश हाई अलर्ट पर
हाल ही में अमेरिकी वायुसेना द्वारा दक्षिणी ईरान के सैन्य ठिकानों पर की गई बमबारी के बाद पूरे मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। अमेरिकी हमलों के कारण फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर माहौल है। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बहरीन, कुवैत और अन्य खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है और आपातकालीन अलर्ट जारी किया है।
खाड़ी देशों ने बढ़ाई चौकसी
ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों के ठीक बाद रणनीतिक रूप से संवेदनशील खाड़ी देशों ने अपनी सैन्य और नागरिक सुरक्षा प्रणालियों को सतर्क कर दिया है। कुवैत और बहरीन जैसे देशों ने संभावित जवाबी हमलों या किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अपनी सीमाओं और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा घेरा मजबूत कर लिया है। इन देशों का मानना है कि दोनों बड़ी ताकतों के बीच बढ़ता टकराव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
अमेरिका का सख्त रुख और तेल निर्यात पर पाबंदी
अमेरिकी प्रशासन ने केवल सैन्य कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिका ने ईरान को तेल व्यापार में दी गई सभी रियायतें और लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। वाशिंगटन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के तेल प्रतिबंधों का उल्लंघन करेगा, उसे कड़े आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों पर हुए हालिया हमलों के जवाब में अमेरिका ने यह कड़ा कदम उठाया है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिकी एयरस्ट्राइक से झटके में आए तेहरान (ईरान) ने इस कार्रवाई पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरानी सरकार ने अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि इस सैन्य आक्रामकता के गंभीर नतीजे वाशिंगटन को भुगतने होंगे। ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए उचित समय पर और सही जगह पर इसका कड़ा जवाब देने का अधिकार रखता है। इस बयान के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र में एक बड़े युद्ध की आशंका और गहरी हो गई है।
