शिक्षा जागरूकता अभियान: आदिवासी युवा समन्वय समिति सरायकेला खरसावां के नेतृत्व में प्रेरणादायक पहल, गांव के कला को शिक्षा के जरिए आगे बढ़ाएंगे: नरेंद्र सिजुई

कुचाई प्रखंड के दलभंगा से सुदूरवर्ती क्षेत्र सेलाघाटी, हाबुंकापी, और चचड़ाबेड़ा में आदिवासी युवा समन्वय समिति सरायकेला खरसावां ने शिक्षा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व युवा समाजसेवी और मीडिया प्रभारी नरेंद्र सिजुई ने किया। नरेंद्र सिजुई ने इस मौके पर कहा, “हम गांव की कला को शिक्षा के जरिए आगे बढ़ाएंगे।”

अभियान का मुख्य स्लोगन “हम पढ़ेंगे और हम बढ़ेंगे” रखा गया, जिसे हर बच्चे तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। बच्चों को प्रेरित किया गया कि शिक्षा ही उनके भविष्य को संवार सकती है।आदिवासी युवा समन्वय समिति के सचिव राजेश उरांव ने कहा, “हम अपने प्रयास से गांव की कला को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।” सक्रिय सदस्य राजकिशोर उरांव ने जोर देकर कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। रामचन्द्र मुंडा ने अनुशासन के महत्व पर बल दिया और कहा कि अनुशासन से ही बेहतर शिक्षा प्राप्त की जा सकती है।

इस अभियान में बच्चों को प्रेरित करने के साथ-साथ LCD Writing Pad, कॉपी, पेन, पेंसिल आदि शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। इस अवसर पर नरेंद्र सिजुई, राजेश उरांव, राजकिशोर उरांव, अभिषेक पूर्ती, रामचन्द्र मुंडा, सुखलाल मुंडा, करम मुंडा और अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।यह अभियान शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और आदिवासी समाज की कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। आदिवासी युवा समन्वय समिति की इस पहल ने ग्रामीणों और बच्चों को एक नई दिशा दिखाई है, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल और समृद्ध हो सके।
