सरकारी वाहन के अनियमितता पर प्रश्न, फिटनेस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट वर्षों से फेल, अधिवक्ता ने किया खुलासा

अधिवक्ता ज्योतिर्मय दास ने आज एक गंभीर मामले का खुलासा किया जिसमें जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा उपयोग किए जा रहे सरकारी वाहन संख्या JH01L 3768 की फिटनेस, इंश्योरेंस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट सालों से फेल हैं। इस वाहन को जिला प्रशासन के तहत उपयोग किया जा रहा है, जबकि इस पर सभी आवश्यक प्रमाण पत्रों की वैधता समाप्त हो चुकी है।

ज्योतिर्मय दास ने ट्वीट कर इस मुद्दे पर सवाल उठाया कि जब आम जनता के वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है और उनसे जागरूकता की उम्मीद की जाती है, तो क्या यह अधिकारियों के लिए भी लागू नहीं होना चाहिए? क्या यह दोहरे मापदंड नहीं है? उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा, “क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं?”इस वाहन के पंजीकरण और फिटनेस की जानकारी के अनुसार, यह वाहन 19 साल पुराना है और फिटनेस सर्टिफिकेट की वैधता समाप्त हो चुकी है।

बावजूद इसके, यह वाहन अभी भी सड़कों पर चल रहा है, जो न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया में लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि जनता के बीच भी गलत संदेश देता है।यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि प्रशासन खुद आम जनता के वाहनों की जांच और कार्रवाई कर रहा है। वहीं, अपने वाहनों की स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा है। इस मामले पर सरकार की प्रतिक्रिया और कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।इस अनियमितता की सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय और झारखंड के मंत्री दीपक बिरुआ को भी दी गई है।
