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September 17, 2026

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Satya ke saath !! sadev !!

सोना जैसा बनना है तो, सूरज जैसा जलना होगा -डॉ. जे.पी मिश्रा

सोना देवी विश्वविद्यालय के सभागार में आज स्वर्गीय श्रीमती सोना देवी की आठवीं पुण्यतिथि के उपलक्ष में व्याख्यान श्रृंखला की शुरुआत की गई। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जे.पी मिश्रा ने कहा कि स्वर्गीय सिंह दम्पत्ति के प्रेरणास्वरुप हम सभी यहाँ एकत्र हुए है। स्वर्गीय सुखदेव सिंह जी एवं स्वर्गीय सोना देवी जी के संस्कारों के कारण ही हम सभी यहाँ तक पहुँचे हैं।

एक कहानी के माध्यम से कुलपति महोदय ने बताया कि मनुष्य को ऐसा कर्त्तव्य करना चाहिए कि वह अपने साथ -साथ दूसरों के लिए भी सुखदायी हो। सामाजिक क्षेत्र में किये गए कार्यों के लिए सोना देवी परिवार को हर तरफ जाना जाता है। इसलिए सोना देवी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भी अपने व्यक्तित्व को ऐसा बनाये कि उसी के आधार पर आपकी पहचान बने। जीवन में सफल बनने के लिए आपका कृतित्व अच्छा होना चाहिए। अच्छा कार्य करने के लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित करना चाहिए।

सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. गुलाब सिंह आज़ाद ने कहा कि सौभाग्यशाली लोगों के सम्बन्ध में ही इस तरह के आयोजन किये जाते हैं। इस व्याख्यानमाला के आयोजन से हमारे विद्यार्थीयों को भी लाभ होगा। श्री आज़ाद ने कहा कि अमरत्व को प्राप्त करने के लिए त्याग की भावना से परिपूर्ण होना होगा। मैं की भावना को छोड़कर जनहित में काम करना होगा। स्वर्गीय सुखदेव सिंह दंपत्ति का जीवन भी इसका जीवन्त उदहारण है। इनका जीवन संघर्षपूर्ण एवं प्रेरणादायक रहा फिर भी इन्होंने समाज सेवा और शिक्षा के विकास के लिए अतुलनीय कार्य किया।

कुलसचिव महोदय ने कहा कि श्री सिंह सच्चे अर्थों में एक श्रेष्ठ व्यक्ति थे। उन्होंने अपने द्वारा शुरू किये गए कार्य को हमेशा पूरा किया। श्री आज़ाद ने पूजनीय सुखदेव की तुलना सिंह से करते हुए उनके विशिष्ठ गुणों को बताया कि वे कैसे पूरी एकाग्रता और पूर्ण योजना बनाकर सफलता प्राप्त करते थे। कुलसचिव श्री गुलाब सिंह आज़ाद ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में जो भी कार्य करें उसकी एक स्पष्ट पहचान बने। उनके पदचिन्हों पर चलते हुए हमारे कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने सोना देवी विश्वविद्यालय की स्थापना की है।

दिवंगत स्वर्गीय सोना देवी का जीवन प्रेरणादायक था। वे दया, करुणा और ममता की प्रतिमूर्ति थी। समाजसेवा और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण गज़ब का था। उन्होंने शिक्षा को साधना की तरह समझा और शिक्षा प्रदान करने तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उन्होंने अतुलनीय कार्य किया। श्री आज़ाद ने कहा कि उनके बताये मार्ग पर चलकर हम एक सफल इंसान बनने की कोशिश करें।

कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने दिवंगत पुण्य आत्मा के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि हम सभी के लिए सोना देवी विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रेरणास्रोत सिंह दंपत्ति के व्यक्तित्व और कृतित्व को जानना हम सभी के लिए आवश्यक है। उन्होंने गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया। वे स्पष्टवादी थे और सामाजिक सरोकार से पूर्ण व्यक्ति थे। उनका आदर्श उच्च कोटि का था और वे मतभिनता को भी सम्मान देते थे। हमें उनके आदर्शों को ध्यान में रखते हुए जीवन में सफल बनने का प्रयास करना चाहिए।

कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने बताया कि सोना देवी मेमोरियल एजुकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा सामाजिक दायित्व निर्वाहन के तहत नेत्र चिकित्सा शिविर, रक्त दान शिविर और कम्बल वितरण आदि भी समय- समय पर किया जाता है। इसी के तहत सोना देवी विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी, पूर्वी सिंहभूम के साथ आगामी 15 फरवरी से 17 फरवरी तक 3 दिवसीय नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन जमशेदपुर में किया जा रहा है।

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