June 17, 2024

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कहां है जूली? वेलेंटाइन वीक में ‘लवगुरु’ की कहानी

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*वह वाकया जब मटुकनाथ का मुंह हुआ था काला, आज कहां है जूली? वेलेंटाइन वीक में ‘लवगुरु’ की कहानी*

*नयी दिल्ली :* यूरोप में 270 ईस्वी में संत वैलेंटाइन हुआ करते थे, संत वैलेंटाइन ने प्रेम को बहुत बढ़ावा दिया था. इन्हीं की याद में प्रतिवर्ष 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे मनाया जाता है. वर्ष 2006 के बाद से वैलेंटाइन वीक के दौरान बिहार की एक प्रेम कहानी चर्चा में आ जाती है. ये लव स्टोरी है मटुकनाथ और जूली की. इस प्रेम कहानी के डेढ़ दशक के बाद लोग जानना चाहते हैं कि आखिर मटुकनाथ और जूली कहां और किस हाल में हैं?
कहानी मटुकनाथ और जूली के प्रेम की. इसमें अधेड़ उम्र के मटुकनाथ की समाज और परिवार से बेपरवारी, जूली की बगावत और फिर जुदाई. इस प्रेम कहानी में कई ट्विस्ट आ चुके हैं और इसको लोग आज भी याद करते हैं.
कहानी मटुकनाथ और जूली के प्रेम की. इसमें अधेड़ उम्र के मटुकनाथ की समाज और परिवार से बेपरवारी, जूली की बगावत और फिर जुदाई. इस प्रेम कहानी में कई ट्विस्ट आ चुके हैं और इसको लोग आज भी याद करते हैं.
बता दें कि लव गुरु के नाम से मशहूर हो चुके मटुकनाथ चौधरी बिहार के रहने वाले हैं. वे पटना विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ाने वाले प्रोफेसर रहे हैं. वर्ष 2006 में वे तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गए जब पटना के सुल्तानगंज थाना में उनका मुंह काला किया गया था. (फोटो- सोशल मीडिया)2/ 15
बता दें कि लव गुरु के नाम से मशहूर हो चुके मटुकनाथ चौधरी बिहार के रहने वाले हैं. वे पटना विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ाने वाले प्रोफेसर रहे हैं. वर्ष 2006 में वे तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गए जब पटना के सुल्तानगंज थाना में उनका मुंह काला किया गया था.
मटुकनाथ वही लव गुरु हैं जिन्हें अपनी छात्रा से प्यार हो गया था. जूली-मटुकनाथ की जोड़ी 21वीं सदी की सबसे पहली बोल्ड प्रेम कहानी के रूप में सामने आई थी. प्रोफेसर मटुकनाथ ने तो खुलेआम अपनी छात्रा जूली के लिए प्यार का इजहार किया था.
पटना के सुल्तानगंज थाना में तब तहलका मच गया था जब उनकी पत्नी आभा ने टीवी कैमरों के सामने अपने पति का मुंह काला कर दिया था. थाना परिसर में जूली के बाल पकड़कर खूब खींचे थे.
बता दें कि इसके पहले मटुकनाथ की पत्नी आभा ने टीवी पत्रकारों की मदद से उस घर में छापा मारा था जहां वह अपनी पूर्व शिष्या के साथ लिव इन में रह रहे थे. इसके बाद भी मटुकनाथ ने किसी की नहीं सुनी और अपनी शिष्या जूली के साथ अपना प्यार जगजाहिर कर दिया.
बता दें कि इसके बाद मटुकनाथ और जूली 2007 से लेकर 2014 तक पूरे 7 साल लिव इन में रहे. जूली जो खुले विचारों वाली थीं उन्हें देखकर मटुकनाथ को पहली बार प्रेम का अहसास हुआ था.
जूली के साथ मटुकनाथ के प्रेम-प्रसंग के कारण 15 जुलाई, 2006 को पटना यूनिवर्सिटी ने मटुकनाथ को बीएन कॉलेज के हिंदी डिपार्टमेंट के रीडर पद से सस्पेंड कर दिया था. बाद में 20 जुलाई, 2009 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया.
मटुकनाथ सेवा से बर्खास्त होने के बाद भी जूली के साथ ही रहे. उनके मन में जूली के लिए प्यार कम नहीं हुआ. पटना विश्वविद्यालय ने उन्हें 13 फरवरी 2013 को एरियर के तौर पर 16 लाख रुपए भी दिए थे.
इस बीच मटुकनाथ की पत्नी की कानूनी लड़ाई चलती रही. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने लव गुरू प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी को लेकर अहम आदेश दिया. उन्हें अपने वेतन का एक तिहाई हिस्सा अपनी पत्नी आभा चौधरी को गुजारा भत्ता के रूप में देना होगा.
इसके बाद मटुकनाथ और जूली की प्रेम कहानी पर विराम लग गया. जूली, मटुकनाथ से अलग हो गई है और यही वजह है कि मटुकनाथ आज अकेले अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं. न्यूज 18 से बातचीत में मटुकनाथ ने बताया कि वह अब वेस्टइंडीज में रहती हैं.
मटुकनाथ ने अपने दर्द का इजहार करते हुए कहा कि प्यार कोई बंधन नहीं कि किसी को बांधकर रखा जाए. जूली और हम एक दूसरे से उस वक्त बेइंतहा प्यार करते थे. एक दूसरे के बिना रहने का सोच भी नहीं सकते थे, लेकिन अब वह प्यार नहीं रहा.
मटुकनाथ चौधरी आगे बताते हैं कि 2017 में ही जूली उन्हें छोड़ कर चली गई. कभी-कभी फोन पर बातचीत हो जाती है. कई बार कहा कि साथ रहे, लेकिन वह अब साथ नहीं रहना चाहती हैं. वह अध्यात्म की ओर चली गई हैं और वेस्टइंडीज में रहना चाहती हैं.
जूली से प्यार होने के बाद मटुकनाथ के परिवार ने उन से नाता तोड़ दिया था. आज मटुकनाथ अकेले भागलपुर में अपनी जिंदगी काट रहे हैं. सवाल का जवाब देते हुए मटुकनाथ कहते हैं कि उनकी पत्नी से उनकी मुलाकात कभी-कभी कोर्ट में होती है.
मटुकनाथ बताते हैं कि उनकी पत्नी उन्हें देखना तक नहीं चाहतीं. उनके बेटे ने पिछले कई सालों से अपने पिता से ना बातचीत की ना उनकी शक्ल देखी. बेटे की शादी हो गई दो बेटियां हैं. लेकिन ना शादी की जानकारी ना बच्चों की जानकारी मटुकनाथ को दी गई. दूसरों के माध्यम से उन्हें पता चलता है कि उनके बेटे की शादी हो गई है और अब उनकी पोती हुई है.
मटुकनाथ से जब पूछा गया कि बुरा लगता है कि जिनके लिए अपने पूरे परिवार को छोड़ा, आज वही छोड़कर चली गई हैं. मटुकनाथ मुस्कुराते हैं और कहते हैं कि बुरा क्यों लगेगा. साथ होते तो बहुत अच्छा होता, लेकिन जब साथ है ही नहीं तो उसके बारे में क्यों सोचें.

That incident when Matuknath's face
 turned black, where is Julie today? 
Story of 'Loveguru' in Valentine's Week*
New Delhi  Saint Valentine used to exist 
in Europe in 270 AD, Saint Valentine had 
promoted love a lot. In his memory, 
Valentine's Day is celebrated every year on 14 February. 
Since the year 2006, a love story from Bihar 
comes into the limelight during Valentine's Week. 
This is the love story of Matuknath and Julie. 
After a decade and a half of this love story, 
people want to know where and in what condition are
 Matuknath and Julie?

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