दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट और कमजोर पड़ता चक्रवात मुरासु
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) अब तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन इसका असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश और तटीय इलाकों में तबाही के बाद राहत और बचाव कार्य
चक्रवात मुरासु के तट से टकराने के बाद आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी तबाही देखने को मिली है। ओंगोल और कोथापट्टनम जैसे इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और कई जगहों पर समुद्र का पानी खेतों में घुस गया है, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों के साथ-साथ राहत और पुनर्कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।

उत्तर भारत में मौसम का हाल: साफ और शांत रहने का अनुमान
दक्षिण भारत के विपरीत, उत्तर भारत के राज्यों में मौसम फिलहाल शांत बना हुआ है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत अधिकांश उत्तर भारतीय क्षेत्रों में किसी भी बड़े मौसमी खतरे या भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि, ठंडी हवाओं के चलने से सुबह और शाम के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठंड धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।


